बिहार में सत्ता परिवर्तन: क्या कम होगा विजय कुमार सिन्हा का कद? समर्थकों में बढ़ी बेचैनी
Change of Power in Bihar
लखीसराय। गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान दोनों ही उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (Samrat Choudhary) एवं विजय कुमार सिन्हा (Vijay Kumar Sinha) को बड़ा बनाने की बात कही थी। सम्राट चौधरी को तो उपमुख्यमंत्री से मुख्यमंत्री बना दिया गया।
अब अगर चुनाव प्रचार के दौरान गृह मंत्री की बात को सच मानें तो विजय कुमार सिन्हा एक बार फिर से विधानसभा अध्यक्ष पद की शोभा बढ़ा सकते हैं, क्योंकि राज्य में राज्यपाल के बाद विधानसभा अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री ही सबसे बढ़ा पद है।
लखीसराय विधायक विजय कुमार सिन्हा अबतक श्रम संसाधन मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष एवं उपमुख्यमंत्री पद संभाल चुके हैं। वर्तमान में भी वे उपमुख्यमंत्री के अलावा भूमि एवं राजस्व, खनन एवं भूतत्वव तथा नगर विकास एवं आवास मंत्रालय की जिम्मेवारी संभाल रहे हैं।
विदित हो कि नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ने की तैयारी शुरू होते ही उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के समर्थकों में मायूसी छा गई थी।
सरप्राइज का वेट करते रह गए सिन्हा के समर्थक
भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा अन्य राज्यों में मुख्यमंत्री बनाने को लेकर सरप्राइज करने की चलन को ध्यान में रखते हुए जिले के कुछ भाजपा कार्यकर्ता विजय कुमार सिन्हा के मुख्यमंत्री बनाए जाने की उम्मीद पाले हुए थे, परंतु मंगलवार को केंद्रीय नेतृत्व के निर्णय के आलोक में विजय कुमार सिन्हा द्वारा ही सम्राट चौधरी को भाजपा विधायक दल के नेता का प्रस्ताव देने के बाद उनके समर्थकों के हाथों के तोते उड़ गए।
सिन्हा की कुर्सी पर मंडरा रहा खतरा
विजय कुमार सिन्हा के अब उपमुख्यमंत्री की कुर्सी पर भी खतरा उत्पन्न हो गया है। जदयू की शर्त के मुताबिक, भाजपा के मुख्यमंत्री बनने पर जदयू के दो उपमुख्यमंत्री होंगे।
इसके अलावा, विधानसभाध्यक्ष एवं गृह मंत्रालय पर जदयू का ही दावा है। ऐसी स्थिति में सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार में लखीसराय के विधायक विजय कुमार सिन्हा का ओहदा कम होने की ही संभावना है।